Posted by : सुशील कुमार Wednesday, February 20, 2013


सब कुछ बना है जैसे
बिखर जाएगा वैसे ही 
एक न एक दिन -

न फूल बचेंगे न पत्थर

तुम्हारा सौंदर्य
मेरे शब्द
एक-न-एक दिन बिहर जाएँगे

फिर भी बचा रहेगा
हृदय के किसी कोने में हमारा प्रेम
जैसे बचा रहता है पुराने बीज में भी जीवन 

हम लौटकर फिर वापस नहीं आएंगे
जिन कागजों पर लिखी गई प्रेम की इबारतें   
वे भी धीरे-धीरे जीर्ण-शीर्ण हो जाएँगे

मगर जब भी हमारा प्यार याद किया जाएगा
मेरी प्रेम-कविताएँ उन यादों में मुखर हो उठेंगी 
मेरे शब्द तुम्हारे प्यार के कारण ही 
शायद धरती पर साबुत रहेंगे|
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{ 8 comments... कृपया उन्हें पढें या टिप्पणी देंcomment }

  1. प्रेम और शब्द तो फिर भी रहेंगे !!

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  2. प्रेम में भींगे बेहतरीन भाव.

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  3. AAPKEE LEKHNI SE EK AUR SASHAKT KAVITA . BADHAAEE .

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  4. प्रेम और प्रेम से जुड़ी चीजें कभी खत्म नहीं होंती।

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  5. चिरंतन प्रेम-भावना को व्यक्त करती हुई कविता!

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  6. मेरे शब्द तुम्हारे प्यार के कारण ही
    शायद धरती पर साबुत रहेंगे|

    उत्कृष्ट प्रेमाभाव लिये सुंदर प्रस्तुति.

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